फ्रिज को देखकर

बड़ा अच्छा लगता है

लगता है कोई है घर में

जिसका दिमाग़

हमेशा ठंढा रहता है

काश कि हमारे भीतर भी

एक फ्रिज होता तो

जिसमें रख पाते हम

अपने उन विचारों को जिनको

हम सड़ने नहीं देना चाहते

मन की कुछ चटपटी मजेदार यादें

जिन्हें लंबे समय तक रखना चाहते हैं

कुछ बातों की रसभरी बोतलें

जिनको पीते ही तन-मन

तरोंताज़ा हो जाता

और भी न जाने क्या-क्या

जिनमें हम लगने नहीं देना चाहते

ईर्ष्या -द्वेष की फफूँद

जिन रिश्तों को हम ख़राब

होने से बचाना चाहते हैं

बिगड़ने नहीं देना चाहते

जिन मामलों के मसाले

जमा देते प्यार की आइसक्रीम

और फ़िर लुत्फ़ उठाते रहते

ज़िंदगी के कुछ लम्हें ठंडे

रख सकते तो

कितना अच्छा होता...