भाषा
जो भावनाओं को शब्द दे
वह होती है भाषा
जो संवेदनाओं को बाँध ले
वह होती है भाषा
जो किसी अपरिचित से
परिचय करा दे
वह होती है भाषा
जो शब्दों को जुबां दे
वह होती है भाषा
जो एक कहे और
दूसरा समझ ले
वह होती है भाषा
ये भाषा बड़ी
बेशकीमती होती है
पर जो इसे कोठरी में बंद कर
सुरक्षित रखना चाहते हैं
वे नहीं जानते हैं कि
भाषा ही वह कीमती रत्न है
जिसे बंद रखा जाय तो वह
अपना मूल्य खो देती है
और जिसे जितना बांटा जाए
उतनी ही उसकी कीमत
बढ़ती है...


