लिपस्टिक का कोई दाग़ नहीं होता;

ये बेपरवाह इश्क़ की निशानियाँ होती हैं;

कमीज़ के कॉलर और जेबों के इर्द गिर्द;

मोहब्बत की धूप में फैली हुई;

एहसास की गुलाबी परछाइयाँ होती हैं।

भीड़ में तन्हा हो जाना;

चुपके से गले मिल लेना;

अचानक से लिपट कर;

खुशियों को आग़ोश में भर लेना;

बहुत मासूम सी चोरियाँ होती हैं।

इश्क़ में गुज़रे खूबसूरत लम्हों की;

ये अबोली गवाहियाँ होती हैं।

ख्वाबों के धागों से बुनी हुई;

मुकम्मल इश्क़ की अधूरी कहानियाँ होती हैं।