माँ है पीपल वही, फिर कोई ऋतु सही
उसकी ममता में अब भी वही छाँव है
जन्नतों के किंवाड़े न ढूंढो इधर
वो मिलेंगे तुम्हें, माँ के ही पाँव में!!
~गौतम @gautam0112


माँ है पीपल वही, फिर कोई ऋतु सही
उसकी ममता में अब भी वही छाँव है
जन्नतों के किंवाड़े न ढूंढो इधर
वो मिलेंगे तुम्हें, माँ के ही पाँव में!!
~गौतम @gautam0112