बेशक सुख धोखेबाज सही
कि दुख के दर जाना पड़ा
दुख के घर बार में घरौंदा
जो बसाना पड़ा
मगर यहाँ हर तरफ
आंसुओं का समंदर होगा
जो मेरे मन में है
वही तेरे अंदर होगा
सोचकर ही मेरे दामन से
दोस्ती करना
दुख का पाताल हूँ
दुखों के सिवा कुछ भी नहीं!!
~गौतम @gautam0112


