निशा अंधेरी जब अपना विस्तार करेगी 

दीपों को बुझने के लाख प्रलोभन होंगे

तीव्र हवा के झोंकों से जो बुझे नहीं हैं 

वही दीप दिनकर के जैसे रोशन होंगे।। 

~गौतम