निशा अंधेरी जब अपना विस्तार करेगीदीपों को बुझने के लाख प्रलोभन होंगेतीव्र हवा के झोंकों से जो बुझे नहीं हैंवही दीप दिनकर के जैसे रोशन होंगे।।
निशा अंधेरी जब अपना विस्तार करेगीदीपों को बुझने के लाख प्रलोभन होंगे
तीव्र हवा के झोंकों से जो बुझे नहीं हैंवही दीप दिनकर के जैसे रोशन होंगे।।