एक फूल मैं ढूंढ रहा हूं जो तेरी खूबसूरती को पस्त कर सके, एक चाँद मैं ढूंढ रहा हूं जिसका तेज तुझसे ज़्यादा हो एक प्रयत्न, एक अनजान भवरे की तलाश में एक प्रयत्न, एक मृदुल स्वभाव की आस में एक प्रयत्न मैं कर रहा हूं तेरे बिम्ब की तलाश में और भूल गया में अभिमान को लेकर अपने कि मशालों के कभी बिंब नही हुआ करते इसीलिये एक घड़ा ढूंढ रहा हूं अच्छाइयों को तेरी जिसमें बटोर कर रख सकूँ ताकि तलाश में इक दूजे तू की फिर कोई भूल न हो। ~गौरव