भवानी शक्ति हिम वासिनी दुर्गे किरपा अब कीजिए ।
डम-डम डोलिए अब सिंह चढ़ि अरि दमन माता कीजिए ।
नवरात्र नव संचार शुभ नव प्राण नवल स्वर दीजिए ।।
वीना स्वरन कर छेड़िए अब हो मरदंग थपली दीजिए ।।
तेरी दया ओ दाहिनी हम दासन शरण अब लीजिए ।
नव हास नवल विलास सुख ब्रजवास टोडर दीजिए ।।
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