शायर, शौक, शर्म, शराफत,बिना दौलत है बस आफ़त,बच्चे जब घर में सोये भूखे,कम्बख्त असूल भी करदेते हैं बगावत,
शायर, शौक, शर्म, शराफत,बिना दौलत है बस आफ़त,
बच्चे जब घर में सोये भूखे,कम्बख्त असूल भी करदेते हैं बगावत,