जिद्दीपन का खून बहा दे तु नस नस मे
तु जो कर सकता है कर जो भी है तेरे बस मे।
खान से निकले हीरो मे कभी दरार होती है क्या,
एक बार हार जाने से कभी हार होती है क्या।
जितनी कोशिशें करेगा तु उतना तराशा जाएगा
अगर कोशिशें ही छोड़ दी तो तमाशा बन जाएगा।
आँसु और पसीने की हर एक बूंद का,
हिसाब मायने रखता है।
कामयाबी उसे नहीं मिलती,
जो बार बार आईने देखता है।
मेहनत करने वालों की तकदीर,
कभी लाचार होती है क्या।
एक बार हार जाने से कभी हार होती है क्या।
गंभीर हालातो मे भी
कुछ कर दिखाने वाले अजूबे होते हैं।
क्योकि जितने नाजुक हालात उनके,
उतने ही पक्के मंसूबे होते हैं।
कभी किसी के जीवन में मुसीबतें बरकरार होती है क्या
एक बार हार जाने से कभी हार होती है क्या।
- Gaurav


