कहाँ तो कभी कोई दिन-महीने नही गुजरते,
कभी उम्र गुज़र जाती है किसी को याद आने में।
तुम्हें आसान लगता है हिज्र की राह में चलना,
यहाँ उम्र गुज़र जाती है किसी को भूल जाने में।
- अलट


कहाँ तो कभी कोई दिन-महीने नही गुजरते,
कभी उम्र गुज़र जाती है किसी को याद आने में।
तुम्हें आसान लगता है हिज्र की राह में चलना,
यहाँ उम्र गुज़र जाती है किसी को भूल जाने में।
- अलट