
मालूम था वो शक्स मेरा जीना दुश्वार करेगा।
वो अपनी निगाहों से हर रोज़ बेक़रार करेगा।
उसकी आँखें तो हैं जैसे समंदर हुस्न का,
कौन अपनी कश्ती ले कनारे इंतेज़ार करेगा।
आएगा लौट कर वही आँखों का मंज़र सामने,
उसका Read More! Earn More! Learn More!

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वो अपनी निगाहों से हर रोज़ बेक़रार करेगा।
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