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जुर्रत


फिक्रमंद तो सब हैं यहांपर कौन करेगा जुर्रत,आँखों के समंदर में उतरने कीगमों का दरिया मापने की

दिलों की उलझन कोउंगलियों से सुलझाने कीरूठ जाने का हक़ है किसे,कौन करेगा कोशिशरूठे हुए को मनाने की

फिक्रमंद तो सब हैं यहां...

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