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घरौंदा


जहां दिल मिलें,प्रेम से घर सजे,मुस्कान सी हों खिड़कियां,खिलखिलाकर दरवाज़े खुलें,मदमस्त सा हो आलिंगन,जब बचपन, जवानी, बुढ़ापा गले मिलें,बस एक छोटा सा घरौंदा जहां सब हिले-मिलें।

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