गर गलती ना कर बेठते हम उन्हें खुदा समझने की,
तो वें जुर्रत ना करते आज हमें इस कदर सताने की।
माना की मोह्हबत हमारे और से थी,
मगर कुछ तो गलती उन्के इशारो में भी थी।।


गर गलती ना कर बेठते हम उन्हें खुदा समझने की,
तो वें जुर्रत ना करते आज हमें इस कदर सताने की।
माना की मोह्हबत हमारे और से थी,
मगर कुछ तो गलती उन्के इशारो में भी थी।।