गरीबों की मुहब्बत का नही है मोल कोई अबवगर्ना देखते सारे जहां में संगमरमर तुम।।© गणेश गोरखपुरी
गरीबों की मुहब्बत का नही है मोल कोई अबवगर्ना देखते सारे जहां में संगमरमर तुम।।
© गणेश गोरखपुरी