उम्र बढ़ती जा रही है,
घट रही है ज़िन्दगी।
ये ना पूछो किस तरह से,
कट रही है ज़िन्दगी।।
सोच में भी अब नहीं,
पहले से तेवर-ओ-लोच हैं।
खुशबू-ओं- ख्वाइशों से दूर,
हट रही है ज़िन्दगी।।
ये ना पूछो...


उम्र बढ़ती जा रही है,
घट रही है ज़िन्दगी।
ये ना पूछो किस तरह से,
कट रही है ज़िन्दगी।।
सोच में भी अब नहीं,
पहले से तेवर-ओ-लोच हैं।
खुशबू-ओं- ख्वाइशों से दूर,
हट रही है ज़िन्दगी।।
ये ना पूछो...