डूब कर यादों में फिर,
आज आँखों से आँसू बहे।
याद करके बेरुखी अब,
कोई कैसे क्या कहे।
आपके दिल से तो हम,
कब के निकल जाते मगर।
फरमान है सरकार का,
जो जहाँ है वहाँ रहे।
@GaganAroraa


डूब कर यादों में फिर,
आज आँखों से आँसू बहे।
याद करके बेरुखी अब,
कोई कैसे क्या कहे।
आपके दिल से तो हम,
कब के निकल जाते मगर।
फरमान है सरकार का,
जो जहाँ है वहाँ रहे।
@GaganAroraa