मुझे सस्ता वाला प्यार चाहिए ,

जी हां मुझे सस्ता वाला प्यार चाहिए ,

जो कौड़ियों के भावों में बिकता हो,

फटे आँचल से दीखता हो।

नजर वो दिल को आता हो,

ना आँखों को बताता हो,

बड़ा ही मोल हो उसका,

ना कोई तोल हो उसका,

जो साँसे छोड़ देता हूँ वो उनको खींच लाता हो,

पड़ी उल्टी सी किस्मत में डगर सीधी बनाता हो,

ये ममता एक जीवन की बड़ी अद्भुत कहानी है,

नयन में सूर्य ज्योति संग भरा सागर का पानी है।


कविता शुभम की रचना ममता की