ऐ हीर तेरे चेहरे पर ..एक नूर सा झलकता है..
जा चाँद से जा के पूछ लें तू..वो तुझसे ही तो जलता है...
तेरी बातों में यूँ डूबा हूँ ..उनसे ही दिन मेरा ढलता है..
मेरे दिल से मैंने पूछ लिया..
वो तेरे लिए ही धड़कता हैं ।।


ऐ हीर तेरे चेहरे पर ..एक नूर सा झलकता है..
जा चाँद से जा के पूछ लें तू..वो तुझसे ही तो जलता है...
तेरी बातों में यूँ डूबा हूँ ..उनसे ही दिन मेरा ढलता है..
मेरे दिल से मैंने पूछ लिया..
वो तेरे लिए ही धड़कता हैं ।।