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जज़्बातों का जनाज़ा


दिल के जज़्बातों को स्याही के ज़रिए पन्नों पर उतारा था हमने,इक तेरे इनकार से जज़्बातों का जनाज़ा बहते पानी में निकाल रहे है हम

— Unfold Page
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