इश्क़ मैं वो आबाद हुए पर क्या करे ग़ालिबहम भी कहानी और मुद्दत का सलीखा बदल कर ही जायेगेतुम्हे नाज़ होगा अपनी दास्ता परपर ये सोच भी तुम्हारे शहर को बदल कर दिखलायेंगे
इश्क़ मैं वो आबाद हुए पर क्या करे ग़ालिबहम भी कहानी और मुद्दत का सलीखा बदल कर ही जायेगे
तुम्हे नाज़ होगा अपनी दास्ता परपर ये सोच भी तुम्हारे शहर को बदल कर दिखलायेंगे