बेबजह सी लगती इस हयात का , अब करू क्या मैं ? जो कोई पूछे तेरे बारे में, तो अब कहू क्या मैं ?
गुमान था मुझे तेरा जो हुआ चूर चूर दिवार पे लटकी तेरी तस्वीर का , अब करूँ क्या मैं ? जो कोई पूछे तेरे बारे में, तो अब कहू क्या मैं ?