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बर्दाश्त


अब बस भी करो बर्दाश्त नहीं होताइससे ज्यादा मुझसे प्यार नहीं होतावापस आओ या चली जाओ तुमज्यादा अब और इंतजार नहीं होता!!

फैज़

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