फल-सब्ज़ी और राशन की खातिर मारा-मार है,

सब व्यवसाय ठप, केवल इनमें ही व्यापार है,

प्राणों को वायु नहीं, प्राणवायु की दरकार है,

सिलेण्डर अब अलग है, पर लगती वही कतार है,

अस्पतालों पर पीड़ित रुग्णों का प्रचंड भार है,

दवा तो मिलती नहीं, दारू की भरमार है,

ज़िंदों की तो छोड़ो, मुर्दों में भी तकरार है,

श्मशानों में भी लगती, लंबी-लंबी कतार है,

श्मशानों में भी लगती, लंबी-लंबी कतार है ||