हवाएं मुझसे पूछ रही ?बता इरादा किस ओर का है?
ये गति आम तो नहीं ,फिर बता संकेत ये किस मुकाम का है।
सितारे पूछ रहे हैं मुझसे तू क्यों खो नहीं रही हमारी चमक में ।ये आंखों में आंसू तो नहीं
फिर बता ये स्वप्न के सरिता के नीर संकेत किस मुकाम के हैं ।
नदी का प्रश्न भी अजीब है ?
कहती है तेरा मन मेरी धाराओं की प्रवाह से भटक क्यों नहीं रहा है
ये मन की अशांति, व्याकुलता तो नहीं

फिर बता ये चेहरे की शांति और मन की व्याकुलता संकेत किस मुकाम का है