बिना 'स्त्री' किये कपड़े पहनना, हमेशा बैग में छाता रखना, 'सोशल मीडिया' से दूरी, उसकी आदत है,,, कभी-कभी 'आय-लाइनर' लगाना, माथे पर आई जुल्फें सँवारना, आँखे बड़ी करके देखना, कोई कयामत है,,, उसकी बोली में सुरों का नृत्य है, जो कुछ लिखा है सत्य है, नादान इश्क नहीं, ये सधी हुई मोहब्बत है,,, तुम्हें रात-रात भर लिखकर अपनी 'अनपढ़ लेखनी' को कर रहा हूं धारदार, इसीलिए, बस इसीलिए, मुझे तुमसे हो गया था एक तरफा प्यार। 2
तू 'कुमार' की 'पगली लड़की', तू 'बच्चन' की 'मधुशाला',, तू 'रामचरितमानस' की कोई 'चौपाई',, तू कोई 'कहानी' 'मंटो' की, तू 'छंद' कोई 'रत्नाकर' का,, तुझ में 'यक्ष प्रश्न' के उत्तर जैसी कठिनाई,, तू 'देवदास' की 'पारो' है, तुझमें उड़ान 'कल्पना' की,, तू स्वयं सुशासित किसी अप्सरा की परछाई,, मेरे तसव्वुर में जो एक मूरत बनी थी कर दिया तुमने उसे कुछ इस तरह साकार,,, इसीलिए, बस इसीलिए मुझे तुमसे हो गया था एक तरफा प्यार।3
तू कोई गली 'बनारस' की, तू धाम कोई 'वृंदावन' का,, तू महक 'आगरा' के जैसी, तू ख्वाब कोई मेरे मन का,, तू 'गंज' 'लखनऊ' का कोई , तू कारण मेरे लेखन का,, अभी यहां पर रुक रहा हूं,, किसी के लिए झुक रहा हूं,, क्यूंकि धर्म, समाज, नौकरी और 'तेरी चुप्पी' मतलब झंझट एक हजार,, इसीलिए बस, इसीलिए मुझे तुमसे हो गया था एक तरफा प्यार।4


