Dush Yant Ji Ki Poem in Movie Lal Rang... बावलीबूच कह दिलकी दिलकी हाथ थाम के सिल्की सिल्की बावलीबूच कह दिलकी दिलकी हाथ थाम के सिल्की सिल्की कहगे सयाणे सोच साचके सहज पके तो आये स्वाद इशक पकाया है मन्द आंच पे बहुत पके तो हो बरबाद... ----------- इस बावली बूच दुनिया में ऐसे ही रंग जमाते रहो Dush Yant Ji. बहुत-बहुत मुबारक मायानगरी पर चढ़ाया पहला रंग।