सपना वही सलोना आया
आज हमें फिर रोना आया
पाने की चाहत में यारों
मुझको अक्सर खोना आया
जब जब दाग लगे दामन पर
अश्कों से बस धोना आया
इक चेहरे पर खुशियों के खातिर
मिसरी जैसा होना आया
गुड्डे की चाहत में हमकों
बीज प्यार के बोना आया
इक तारे से प्यार हुआ तो
हमको सपन संजोना आया


