धीरज धर्म मित्र अरू नारी ,आपत काल परिख हौं चारी
और , पुरुष को परखने के लिए
कोई नियम काल समय तिथि
तय नहीं नहीं है तो ,
जब चाहे तब ,
इनकी अग्नि परीक्षा ले लो
ये कलयुग हैं ,
तुम किसी युग में सुरक्षित नहीं थी
जागो नारी जागो

धीरज धर्म मित्र अरू नारी ,आपत काल परिख हौं चारी
और , पुरुष को परखने के लिए
कोई नियम काल समय तिथि
तय नहीं नहीं है तो ,
जब चाहे तब ,
इनकी अग्नि परीक्षा ले लो
ये कलयुग हैं ,
तुम किसी युग में सुरक्षित नहीं थी
जागो नारी जागो