बेरंग दुनिया का रंग संवरना चाहिए
चलिए कुछ और बेहतर करना चाहिए
पत्थर की सिल पड़ी है दिल पर जो ,
कहकहों में जरा और ठहरना चाहिए
गर्द से सीख ले चलन दुनियादारी का
कदम दर कदम आसमान छूना चाहिए
मेरे हमदम, हमराह हमनफस हमसफ़र
बता और तुझे मैंने क्या पुकारना चाहिए
एक रिंद बैठा छिप कर दिल में आज
चल वाईज़ ,आज घर साथ चलना चाहिए
दरिया का उफान कुछ समय का होगा
सोहनी को थोड़ा और ठहरना चाहिए


