माना की सफर थोड़ा मुश्किल है,
पर बात तू मेरी एक ये भी मान ले,
और एक पोटली अपने संग में तू बांध ले ,
ये सफर अभी बहुत लम्बा है ,
तुझे और अभी मीलों चलना है ,
माना की तू थोड़ा थक सा गया है,
पर तू बात मेरी ये भी मान ले,
और उस पोटली में थोड़ा संयम भी बांध ले,
इस सफर में अभी बहुत दूर तक जाना है,
तुझे और अभी मीलों चलना है ,
माना की सफर का रास्ता पथरीला है
और उस पर कहीं कॉंटे भी है ,
पर तू बात मेरी ये भी मान ले,
और उस पोटली में थोडी उम्मीद भी बांध ले,
और ये मान ले ये रास्ता आगे फिर बदलेगा,
ये सफर अभी थोड़ा कठिन है ,
तुझे और अभी मीलों चलना है ,
माना की ये सफ़र और कठिन होता जा रहा है,
पर बात मेरी ये भी मान ले,
और उस पोटली में थोडा विश्वास और हौसला भी बांध ले,
और चल पड़ इस सफर पर ,
माना ये सफ़र टेढ़ा होता जा रहा है ,
बस एक बार पीछे मुड़ कर देख ,
तू अभी अभी मीलों चल कर आया है,
बस ये मान ले तुझे अभी मीलों और चलना है,
अगर तू फिर भी हारने लगे
तो बस एक नजर ऊपर आकाश में डाल लेना,
तुझे हज़ारों पंछी यही पोटली लेकर उड़ते दिखेंगे,
हर रोज़ जब साँझ हुए अपने घर वो जाते है
और कभी शायद उसे उजड़ा हुआ पाते है ,
पर वो हार नहीं मानते बल्कि एक नया बसेरा फिर बनाते है,
बस तुझे और अभी मीलों चलना है ,
और तुझे आगे चल कर यदि रास्ता बंद मिले,
तो तू डरना मत बस रास्ता बदल लेना ,
और फिर भी मनचाहा रास्ता न मिले तो,
और इस बार अपने अच्छे पलों को याद कर,
एक बार उस गुलज़ार के घर का रास्ता ढूँढ लेना,
क्योकिं ये ज़िन्दगी गुलज़ार है,
यक़ीन मान तू अपनी मंज़िल तक जरूर पहुंच जायेगा,
बस अपनी पोटली लेना मत भूलना,
क्योकिं ये ज़िन्दगी गुलज़ार है,
रास्ते मुश्किल है पर फिर भी इसे जीने को दिल तैयार है |

