लीक कभी लीलार का दीदार (प्रमाण) नही देती ।

तोप कभी आक्रमण से तौबा नही करती ।।

समय कर जाता है खेल कुछ ऐसा ।

फिर भी घड़िया समय के साथ खिलवाड़ नही करती।।