छोड़ दो मुर्दों पर रोटी सेंकना, जिंदा लाशें क्या कम है ? खा लेने दो कमाई कर, वर्तमान में छुपा भविष्य है, इतिहास बना कब प्रतिबिंब है, कौन कौम ...कैसा धर्म, खोज लेने दो ..निज धर्म, काफी है..काफी है जीवित रहने को,