माँ
कहते हैं हर मुश्किल समझती हैं वो,
हर तकलीफ समझती हैं वो
लेकिन सच कहूँ तो,
अपने बच्चे के लिए,
हर उपाए ढुँढती हैं वो ।
कहते हैं-माँ हैं तो,
जहाँ की हर चीज तुम्हारी है
सच तो ये है की
माँ से ही तो जहाँ है…।
माँ जीवन के उलझनों से वाकिफ
बच्चे को सहलाकर चूम ले,
उलझने तो क्या,
कायनत की कोई भी परेशानी
उसे छू नहीं सकती .....
दूर रहकर-
बच्चे की एक मुस्कान,
एक झलक के लिए-
माँ तरस जाती है ...
सच तो ये है कि
बच्चे की मुस्कान भी तो,
माँ आपसे ही है ।।


