इस गुजरते वक्त में बदलते ज़माने में
बगैर खास हुए ही हम आम हो गए
तेरी गली से गुजरे बगैर ही हम बदनाम हो गए
तेरी मोहब्बत में बदनामी का हम इनाम पा गए
तेरी मोहब्बत में तनहाई का हम मुकाम पा गए
तेरी यादों में ही उम्र भर के लिए हम खो गए
तेरी यादों में खुद से ही हम जुदा हो गए
सच कहें तो तेरी खूबसूरती पर ही हम फिदा हो गए
------ तेजेंद्र शिव -----


