इंसा हो इंसानों के बीच का फासला कम करो

ऐ दौर है जालिम ;

जिंदगी और मौत के बीच फासला बढ़ाने में मदद करो

इंसा की जिंदगी के मायने हैं हजार

कभी मदद तो कभी हिफाजत

कभी मोहब्बत तो कभी चाहत

कभी शोहरत की चाहत तो कभी दौलत की चाहत

नफरत के किस्से भी कम नहीं

फिर भी इंसा को इससे गम नहीं

इस सितमगर महामारी के दौर में

इंसा का इंसा होना बेहद जरूरी है

इंसा और इंसा के बीच फासला कम करना जरूरी है

जिंदगी और मौत के बीच फासला बढ़ाना जरूरी है

आओ दोस्तों इस वक्त मदद की चादर फैलाएं इस कदर

इस वक्त खुद महामारी की हालत कर दे हम बद से बदतर


---------- तेजेंद्र शिव ----------