काश तुम्हारी यादों को मैं यूँ भुला पाता

काश अपना ये ज़ख़्म-ए-दिल मिटा पाता..

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करता हूँ आज भी उतनी ही परवाह तेरी

काश इतना कहने की हिम्मत जुटा पाता..

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कितना प्यार है कहो तो दिल चीर दिखा दूँ 

काश तूझे अपना दर्द-ए-दिल दिखा पाता..

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मत छोड़ कर जा यार मेरे अकेला मुझको

काश तेरे दिल में इश्क़ की आग लगा पाता..

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काश... काश... और सिर्फ़ काश... ना रहता

काश यार मेरे मेरा ये ख़्वाब सच हो जाता..!!

#तुष्य