भूल गए हो मुझे तो कभी याद कर लिया करो

तसव्वुर में न सही हिचकियाँ ही भर लिया करो..

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जो थी कभी हम दोनों के बीच वो गहरी दोस्ती

कम से कम उसी को याद कर बात कर लिया करो..

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जानता हूँ तेरा दिल आज भी मेरे लिए धड़कता है

ख़यालों में तुम साँसें ज़रा आहिस्ता भर लिया करो..

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तुम को याद है क्या पहली वो मुलाक़ात की रात

उस रात को याद कर नग़्में नए गढ़ लिया करो..

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धड़कनों से कभी नींद में ख़लल नहीं पड़ता 

ख्वाबों में ही सही तुम मुझे अपना कर लिया करो..

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महबूब मेरे देख तेरे दीदार को खड़ा हूँ आज भी वहीं

कभी एक नज़र देख तुम मुझ पर भी मर लिया करो..!!

#तुष्य