हर किसी कि क़िस्मत में कम ये रिश्ता होता है
दोस्त कमीना भी हो फिर भी फ़रिश्ता होता है..
कई बार बे-वजह कई बातों पर ग़ुस्सा होता है
पर दोस्ती की क़िताब का अहम क़िस्सा होता है..
बेशक़ नज़रों से दूर हो पर दिल का रिश्ता होता है
ज़िंदगी के सफ़र का वो बेहतरीन हिस्सा होता है..
कातिब-ए-तक़दीर क़िस्मत का नविश्ता होता है
बचपन का आइना-ए-उम्र-ए-गुज़िश्ता होता है..
मेरे दर्द में उसका मन दिल-ए-गिरफ़्ता होता है
दोस्ताना ही तो ज़िंदगी का सच्चा रिश्ता होता है..!!
#तुष्य


