आवाज़-ए-दिल (Part-2)...'s image
Poetry1 min read

आवाज़-ए-दिल (Part-2)...

Dr. SandeepDr. Sandeep May 11, 2022
Share0 Bookmarks 79423 Reads3 Likes

हवा गुम, मौसम नम, क़दम थम, ख़ामोश आवाज़ है

जानता हूँ अभी तक तबीयत तुम्हारी कुछ नासाज़ है

--- 

बेशक ख़ुदसे दूर किया तुमने पर दिल नहीं नाराज़ है

हरदिन तेरेलिए करता है दुआ मेरा दिल-ए-फ़य्याज़ है

--- 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts