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अकेला छोड़ गए वो…

Dr. SandeepDr. Sandeep February 4, 2022
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जो कभी जीना सिखाते थे वो आज मरता छोड़ गए

अपना पन जताने वाले अकेले यूँ बिख़रता छोड़ गए..

जंग-ए-ज़िंदगी में जब जरूरत थी मुझे हम-सफ़ीर तेरी

ज़िंदगी के सफर में मुझ को अकेले चलता छोड़ गए..

देख तेरे ख़्यालों में कैसे ख़ुद को बिख़रा दिया है मैंने

जब से तुम अपनी यादों में मुझको तड़पता छोड़ गए..

आजकल तो कश्तियाँ भी मायूस रहती हैं किनारे पर

सुना है दरियापार करानेवाले उनको उजड़ता छोड़

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