ये ताज़गी है उन पत्तों की जो फूलों का साथ निभा रहे है,

प्रकृति की गोद में है महफूज़ कितने,

देखो हमें बता रहे है,

जुड़कर रहना सीख लिया मैंने इनसे,

देखो कितने खुश है ये जो मुझे देख मुस्कुरा रहे है !!