काश ये बचपन फिर से वापिस आ जाता,

हम रोते तो कोई फिर हमें हॅसाता,

खेलते फिर से उन्हीं गलियों और चौबारों पे,

जहाँ हमारा बचपन दोस्तों के साथ था मुस्काता!"