रात का अंधेरा है,
तारों का लगा मेला है,
पूरी दुनिया है इस मेले में,
फिर भी तू अकेला है,
साथ मिल भी जाए किसी का,
तो भी कुछ ही पल कट जायेगा,
होंगी जब सुबह,
तो तू फिर अकेला रह जायेगा !!


रात का अंधेरा है,
तारों का लगा मेला है,
पूरी दुनिया है इस मेले में,
फिर भी तू अकेला है,
साथ मिल भी जाए किसी का,
तो भी कुछ ही पल कट जायेगा,
होंगी जब सुबह,
तो तू फिर अकेला रह जायेगा !!