तेरा मौसुल मिरा मौसुलहम दोनो का किरदार है ।मैं फकत तुझ्ंमे बसातू बसा सगरे सँसार है ।।पाना तुझे चाहत मिरीमिल सका न कोशिश करीजिद्द से भी बड़ी जिद्द अबखोज न रुके निकले जो दमएक अबोध बालक
तेरा मौसुल मिरा मौसुलहम दोनो का किरदार है ।मैं फकत तुझ्ंमे बसातू बसा सगरे सँसार है ।।
पाना तुझे चाहत मिरीमिल सका न कोशिश करीजिद्द से भी बड़ी जिद्द अबखोज न रुके निकले जो दम
एक अबोध बालक