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सुल्ह-ए-दोस्ती


सुल्ह-ए-दोस्ती ने आमोजिश दी , कुछ तरब मिलीं कुछ तारीफेंकुल्फ़त देखो बन खाक उड़ रही, तिनका-तिनका कर तकलीफें

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