उनकी तारीफ में हमने कई किताबें लिखी हैं जनाब,
एक पन्ना उतारने की कलमकारी भी अब चली गई है।

उनकी आंखो में ही रह गई हैं कहीं कामिल नज़रे मेरी, 
मेरी नजरबंद करने की कलाकारी भी अब चली गई है।।