जग के मेले में मिले,भाँति-भाँति के लोग।तू खोया वैराग में,उनके मन हैं भोग।।४।।भूपेन्द्र डोंगरियाल01/10/2020
जग के मेले में मिले,भाँति-भाँति के लोग।तू खोया वैराग में,उनके मन हैं भोग।।४।।
भूपेन्द्र डोंगरियाल01/10/2020