माटी के रिश्ते में बंधा
हर एक फ़रिश्ता है।
खून के रिश्ते से बड़ा,
माटी का रिश्ता है।

खस्ताहाल हैं खून के रिश्ते,
हुआ समय बलवान।
धन-दौलत की चाह सभी को,
ढूँढ़े रिश्ते धनवान।
मुँहबोले रिश्ते ऐसे लगते,
जैसे सूखा गुलिस्ता है।
खून के रिश्ते से बड़ा,
माटी का रिश्ता है।

चाहे सारा जहाँ जीत लो,
दिलों की जीत बड़ी है।
रिश्तों में तलवार खींचे तो,
समझो हार खड़ी है।
जो रिश्तों को संजोए रखता,
वह कभी न पिसता है।
खून के रिश्ते से बड़ा,
माटी का रिश्ता है।

बँट जाएं जो खून के रिश्ते,
परिवार ही घटता है।
माटी के रिश्ते बँट जाने से,
हर देश सिमटता है।
पल भर की खुशियाँ छोड़,
बढ़ा दर्द आहिस्ता है।
खून के रिश्ते से बड़ा,
माटी का रिश्ता है।

माटी के रिश्ते में बँधा,
हर एक फ़रिश्ता है।
खून के रिश्ते से बड़ा,
माटी का रिश्ता है।

भूपेन्द्र डोंगरियाल
22/08/2018